Options trading के best indicators, और उन्हें कैसे इस्तेमाल करें
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। मूल लेख अंग्रेज़ी में पढ़ें
Options trading के best indicators दो ग्रुप में आते हैं। Options वाले खास indicators, implied volatility (IV), open interest (OI) और put-call ratio (PCR), बताते हैं कि options सस्ते हैं या महंगे, और traders ने कहां पोज़ीशन बना रखी है। Price indicators, RSI, moving averages, Bollinger Bands और MACD, चाल की दिशा और ताकत बताते हैं। आपको हर ग्रुप से एक चाहिए।
3 मिनट में options के best indicators: IV, OI, PCR, और खुद को धोखा दिए बिना इन्हें कैसे मिलाएं।

Options traders को अलग indicators क्यों चाहिए
शेयर का ट्रेडर तब पैसा कमाता है जब कीमत सही दिशा में चले। Options ट्रेडर के लिए तीन चीज़ें सही होनी चाहिए: दिशा, चाल का साइज़, और उसमें लगने वाला समय। आप दिशा में सही होकर भी खरीदे हुए option पर पैसा गंवा सकते हैं, अगर चाल बहुत छोटी हो, बहुत धीमी हो, या खरीदने के बाद volatility गिर जाए।
इसीलिए नीचे की लिस्ट उन indicators से शुरू होती है जो सिर्फ options मार्केट में होते हैं। कोई क्लासिक चार्ट indicator यह नहीं बता सकता कि आप जो premium दे रहे हैं, वह ठीक है या नहीं।
| Indicator | प्रकार | यह क्या बताता है | किसके लिए सबसे अच्छा |
|---|---|---|---|
| Implied volatility (IV) | Options | Options कितने महंगे हैं | Premium खरीदना है या बेचना, यह चुनना |
| Open interest (OI) | Options | पोज़ीशन कहां बन रही हैं | Support/resistance लेवल, trend कन्फर्म करना |
| Put-call ratio (PCR) | Options | Puts बनाम calls में कुल पोज़ीशनिंग | Sentiment, contrarian signals |
| RSI | Momentum | Overbought / oversold | Entries का समय, थकान पहचानना |
| Moving averages (SMA/EMA) | Trend | Trend की दिशा | Trend के हिसाब से ट्रेड छांटना |
| Bollinger Bands | Volatility | हाल की volatility के मुकाबले price range | Squeezes, mean reversion |
| MACD | Trend + momentum | Momentum में बदलाव | Crossover entries |
1. Implied volatility (IV)
Implied volatility मार्केट का अंदाज़ा है कि expiry तक underlying कितना हिलेगा, जिसे option की कीमत से उल्टा हिसाब लगाकर निकाला जाता है। Strike और spot price के बाद, option के premium में यह सबसे ज़रूरी नंबर है।
नीचे का चार्ट Black-Scholes model से एक ही at-the-money NIFTY call की कीमत अलग-अलग IV लेवल पर निकालता है। और कुछ नहीं बदलता, फिर भी IV 10% से 20% होने पर premium लगभग दोगुना हो जाता है।
अलग-अलग implied volatilities पर एक ATM NIFTY call का model premium (काल्पनिक इनपुट)
Traders IV का इस्तेमाल कैसे करते हैं:
- High IV: premiums भरपूर होते हैं। Selling strategies (short straddles, strangles, iron condors) ज़्यादा कमाती हैं, पर मार्केट बड़ी चालों की उम्मीद कर रहा होता है।
- Low IV: premiums सस्ते होते हैं। Buying strategies (long calls, puts, long straddles) की लागत कम होती है, और IV बढ़ने से इन्हें फायदा होता है।
- IV crush: नतीजों या किसी policy घोषणा जैसे event के बाद IV अक्सर तेज़ी से गिरता है। Buyer दिशा में सही होकर भी नुकसान उठा सकता है, क्योंकि premium पिचक जाता है।
पूरे इंडेक्स के लिए India VIX जल्दी देखने का तरीका है: NSE इसे NIFTY options की कीमतों से निकालता है, इसलिए यह असल में NIFTY के लिए मार्केट की implied volatility है।
Tradetron पर Iv keyword किसी खास option की implied volatility देता है, जैसे Set 1 की entry के leg 1 में ट्रेड हुआ option, और Atmiv किसी underlying के at-the-money option का IV देता है।
Iv keyword आपकी strategy के ट्रेड किए option का IV पढ़ते हुए
2. Open interest (OI)
Open interest किसी strike पर खुले (अभी तक बंद या expire न हुए) option contracts की संख्या है। Volume दिन भर के ट्रेड गिनता है; OI उन पोज़ीशन को गिनता है जो खुली रहती हैं।
- बढ़ती कीमत + बढ़ता OI: नई पोज़ीशन चाल को सहारा दे रही हैं। Trend में लोगों की भागीदारी है।
- बढ़ती कीमत + गिरता OI: चाल पोज़ीशन बंद होने से चल रही है, अक्सर short covering से। यह ठंडी पड़ सकती है।
- सबसे ज़्यादा OI वाले strikes को लेवल की तरह देखा जाता है। सबसे बड़े OI वाले call strike को अक्सर resistance और सबसे बड़े OI वाले put strike को support माना जाता है, क्योंकि वहां के option writers उन लेवल को बचाते हैं।
Tradetron पर Max OI Strike किसी इंडेक्स, expiry और option type (CE या PE) के लिए सबसे ज़्यादा open interest वाला strike देता है। Max OI Instrument वही option contract देता है, और Total OI किसी इंडेक्स के calls या puts का कुल open interest देता है। ये index options पर काम करते हैं (NIFTY, BANKNIFTY, FINNIFTY, MIDCPNIFTY और SENSEX)।
Max OI Strike: सबसे ज़्यादा open interest वाला NIFTY call strike
3. Put-call ratio (PCR)
PCR किसी इंडेक्स और expiry के सभी puts के open interest को सभी calls के open interest से भाग देता है।
- PCR = Put OI ÷ Call OI
- 1 से ऊपर calls से ज़्यादा puts खुले
- 1 से नीचे puts से ज़्यादा calls खुले
PCR को दो उल्टे तरीकों से पढ़ा जाता है, इसीलिए इसे कभी अकेले इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कई traders high PCR को bullish मानते हैं, क्योंकि भारी put writing बताती है कि sellers को मार्केट के टिके रहने की उम्मीद है। दूसरे लोग बहुत ज़्यादा values को contrarian signal की तरह पढ़ते हैं: जब सब एक ही तरफ पोज़ीशन लिए हों, तो चाल शायद ज़्यादातर हो चुकी है। मायने यह रखता है कि PCR कितना बदला और उस इंडेक्स की आम रेंज के मुकाबले यह कितना ज़्यादा है।
Tradetron पर PCR keyword किसी इंडेक्स और expiry के लिए OI पर आधारित put-call ratio देता है। नीचे की condition सिर्फ तब entry लेती है जब NIFTY का current-week PCR 1.2 या उससे ज़्यादा हो।
NIFTY के current-week options पर एक PCR filter
4. Relative Strength Index (RSI)
RSI हाल के price बदलावों की रफ्तार को 0 से 100 के पैमाने पर मापता है, आमतौर पर 14 periods पर।
- 70 से ऊपर: चाल ऊपर की ओर खिंच चुकी है (overbought)।
- 30 से नीचे: नीचे की ओर खिंच चुकी है (oversold)।
- 50 को पार करना: एक आसान momentum filter। 50 से ऊपर calls या put-selling के पक्ष में, 50 से नीचे puts या call-selling के पक्ष में।
जाल यह है कि 70 को अपने आप sell signal मान लिया जाए। मज़बूत trend में RSI कई दिनों तक 70 से ऊपर रह सकता है। RSI अकेले trigger की बजाय filter के रूप में बेहतर काम करता है ("calls सिर्फ तब बेचें जब RSI 70 से ऊपर हो और कीमत अपने 20-day average से नीचे हो")।
वीडियो: Tradetron पर RSI पर आधारित momentum strategy बनाना।
5. Moving averages (SMA और EMA)
Moving average कीमत को स्मूद करके trend दिखाता है। Simple moving average (SMA) हर bar को बराबर वज़न देता है; exponential moving average (EMA) हाल के bars को ज़्यादा वज़न देता है, इसलिए यह जल्दी मुड़ता है।
- 200-day average: लंबे समय की trend line। NIFTY इसके ऊपर हो तो आमतौर पर bull phase माना जाता है, नीचे हो तो bear phase।
- 50-day average: मध्यम अवधि का trend।
- 9 या 20-period EMA: छोटी अवधि और intraday की दिशा।
- Crossovers: तेज़ average का धीमे average को ऊपर की ओर काटना (जैसे 9 EMA का 21 EMA के ऊपर जाना) एक आम entry trigger है।
Options के लिए moving averages सबसे ज़्यादा trend filter के रूप में काम आते हैं: puts तभी बेचें या calls तभी खरीदें जब कीमत average के ऊपर हो, और नीचे हो तो इसका उल्टा।
NIFTY अपने 200-day EMA के ऊपर: एक आसान trend filter
वीडियो: Tradetron पर moving-average (SMA) crossover strategy बनाना। EMA के लिए भी स्टेप्स वही हैं: SMA की जगह EMA चुनें।
6. Bollinger Bands
Bollinger Bands, 20-period SMA के ऊपर और नीचे दो standard deviations पर एक band बनाते हैं। चौड़ाई volatility पर निर्भर करती है, इसलिए तेज़ मार्केट में bands चौड़े होते हैं और शांत मार्केट में सिकुड़ जाते हैं।
- Squeeze: जब bands तेज़ी से सिकुड़ते हैं, तो volatility कम होती है और अक्सर उसके बाद एक बड़ी चाल आती है। Option buyers squeezes पर नज़र रखते हैं, क्योंकि फैलाव से पहले premiums सस्ते होते हैं।
- Band को छूना: sideways मार्केट में, upper band के बाहर का close अक्सर बीच की ओर लौटता है। Trending मार्केट में कीमत लंबे समय तक band के साथ-साथ "चल" सकती है।
Tradetron में Upper Bolinger, Lower Bolinger और Bolinger Band width keywords हैं, जिससे आप सीधे touch या squeeze टेस्ट कर सकते हैं। ज़्यादा जानकारी हमारी Bollinger Bands strategy गाइड में।
15-minute candles पर कीमत upper Bollinger Band पर या उससे ऊपर
7. MACD
MACD, 12- और 26-period EMAs का अंतर है। उस अंतर का 9-period EMA signal line है।
- Bullish crossover: MACD signal line को ऊपर की ओर काटता है।
- Bearish crossover: MACD signal line को नीचे की ओर काटता है।
- Histogram: दोनों के बीच का फासला। सिकुड़ता histogram crossover होने से पहले ही चेतावनी देता है कि momentum कमज़ोर पड़ रहा है।
किसी नियम में crossover पकड़ने के लिए, पिछले bar की तुलना उससे पहले वाले bar से करें: आखिरी पूरी हुई candle पर MACD signal के ऊपर, और उससे पहले की candle पर नीचे। नीचे की condition NIFTY के 15-minute चार्ट पर ठीक यही करती है।
दो conditions के रूप में लिखा MACD bullish crossover
Options trading के लिए कौन सा chart type सबसे अच्छा है?
चार्ट से ज़्यादा indicator मायने रखता है, पर चार्ट बदलने से जो दिखता है वह बदल जाता है।
| Chart | यह क्या दिखाता है | किसके लिए अच्छा |
|---|---|---|
| Candlestick | हर period का open, high, low और close | ज़्यादातर options traders; hammer, doji, engulfing जैसे patterns |
| Heikin Ashi | औसत निकाली गई candles जो शोर को स्मूद करती हैं | Trend में टिके रहना, कम झूठे reversals |
| Renko | तय साइज़ की bricks जो समय को नज़रअंदाज़ करती हैं | साफ trend और breakout signals |
Intraday options के लिए candlesticks डिफॉल्ट हैं क्योंकि वे पूरी price range दिखाती हैं। Heikin Ashi और Renko शोर छांट देते हैं, पर उनकी कीमतें हिसाब से निकाली जाती हैं, असल में ट्रेड हुई कीमतें नहीं होतीं, इसलिए ऑर्डर लगाने से पहले हमेशा असली LTP चेक करें। Renko charts के बारे में और पढ़ें।
खुद को धोखा दिए बिना indicators को कैसे मिलाएं
- ट्रेड के प्रकार से शुरू करें। Premium खरीदना है या बेचना? पहले IV चेक करें। अगर IV अपनी रेंज के ऊपरी हिस्से के पास है, तो selling की ओर झुकें; निचले हिस्से के पास, buying की ओर।
- एक trend filter जोड़ें। कोई moving average या MACD तय करता है कि आप calls ट्रेड करेंगे या puts, या कौन सी साइड बेचेंगे।
- एक timing या पोज़ीशनिंग check जोड़ें। खिंची हुई चालों के लिए RSI, या जिस लेवल के आसपास आप ट्रेड कर रहे हैं उसे कन्फर्म करने के लिए OI/PCR।
- Entry से पहले exits लिखें। Premium पर एक stop, एक target, और एक time exit। Indicators entry में मदद करते हैं; exits तय करते हैं कि आपके पास क्या बचेगा।
- इस combination को पुराने डेटा पर टेस्ट करें। हर extra filter ट्रेड्स की संख्या घटाता है। चेक करें कि नियम अब भी इतनी बार ट्रेड करता है कि उसे चलाना सार्थक हो।
संबंधित लेख: option premium कैसे निकाला जाता है, intraday trading के best indicators, और short straddle, एक ऐसी strategy जिसकी कामयाबी या नाकामी implied volatility पर टिकी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Options trading के लिए सबसे अच्छा indicator कौन सा है?
कोई एक सबसे अच्छा नहीं है। Implied volatility options का सबसे ज़रूरी खास indicator है, क्योंकि यह बताता है कि premiums महंगे हैं या सस्ते। दिशा तय करने के लिए इसके साथ एक trend indicator जोड़ें, जैसे moving average या MACD।
Option buying के लिए कौन सा indicator सबसे अच्छा है?
Buyers को जल्दी एक मज़बूत चाल चाहिए, इसलिए वे low IV (सस्ते premiums), Bollinger Band squeeze (volatility फैलने वाली है) और moving-average crossover जैसा एक साफ trend signal देखते हैं। खरीदने के बाद IV बढ़े तो वह आपके पक्ष में काम करता है।
Option selling के लिए कौन सा indicator सबसे अच्छा है?
Sellers चाहते हैं कि premiums भरपूर हों और मार्केट एक रेंज में रहे। अपने इतिहास के मुकाबले high IV, sideways trend, और सबसे ज़्यादा OI वाले लेवल के पार के strikes, option sellers के आम filters हैं।
क्या RSI options trading के लिए अच्छा है?
हां, filter के रूप में। 70 से ऊपर या 30 से नीचे का RSI खिंची हुई चाल दिखाता है, पर मज़बूत trends में RSI लंबे समय तक overbought या oversold रह सकता है। इसे अकेले signal की बजाय trend filter के साथ इस्तेमाल करें।
Put-call ratio कैसे पढ़ें?
PCR, put open interest को call open interest से भाग देने पर आता है। 1 से ऊपर का मतलब है calls से ज़्यादा puts खुले हैं। Traders इसे put writers के सहारे के संकेत के रूप में भी पढ़ते हैं और बहुत ज़्यादा values पर contrarian signal के रूप में भी, इसलिए इसकी तुलना इसकी आम रेंज से करें और किसी दूसरे signal को कन्फर्म करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Options indicators के लिए कौन सा time frame सबसे अच्छा है?
यह इस पर निर्भर करता है कि आप कितनी देर पोज़ीशन रखते हैं। Intraday option traders अक्सर 5- या 15-minute candles इस्तेमाल करते हैं, swing traders daily charts, और IV की तुलना आमतौर पर हफ्तों या महीनों में की जाती है। Entries और exits के लिए एक ही time frame इस्तेमाल करें।