भारतीय Traders को US Markets क्यों आज़माने चाहिए (US Broker के बिना भी)

Huzefa Kudrati अपडेट Oct 7, 2026 8 मिनट में पढ़ें

यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। मूल लेख अंग्रेज़ी में पढ़ें

भारतीय Traders को US Markets क्यों आज़माने चाहिए (US Broker के बिना भी)

भारतीय traders तीन वजहों से US markets की तरफ देखते हैं: ऐसी companies में exposure जो भारत में listed नहीं हैं, S&P 500 और Nasdaq-100 पर एक गहरा options market, और रुपये से हटकर diversification। शुरू करने के लिए आपको US broker की ज़रूरत नहीं है। आप अपने भारतीय broker के ज़रिए NSE पर listed US-focused ETFs खरीद सकते हैं, और कोई भी विदेशी account खोलने से पहले US strategies बना और backtest कर सकते हैं।

भारतीय traders US markets की तरफ क्यों देखते हैं

ऐसी companies जिन्हें आप भारत में नहीं खरीद सकते

दुनिया की कई सबसे बड़ी technology, healthcare और consumer companies सिर्फ US में listed हैं। अगर आप उनमें सीधा exposure चाहते हैं, तो वो US market में ही trade होती हैं।

Instruments का एक अलग सेट

US में हज़ारों stocks और ETFs पर listed options हैं, और S&P 500 (SPX) और Nasdaq-100 (NDX) पर index options हैं, जिनमें SPX पर हफ्ते के हर कामकाजी दिन expiry होती है। NIFTY की एक weekly expiry के आदी options trader के लिए यह बिल्कुल अलग toolkit है।

Diversification, currency समेत

आपका भारतीय portfolio भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के साथ ऊपर-नीचे होता है। US assets एक दूसरी अर्थव्यवस्था और एक दूसरी currency जोड़ते हैं।

Liquidity

SPY और QQQ जैसे US index ETFs, और उन पर options, दुनिया के सबसे ज़्यादा trade होने वाले instruments में से हैं, और ज़्यादातर retail size के orders के लिए उनके bid-ask spreads बहुत कम हैं।

ईमानदारी से, नुकसान वाले पहलू

  • समय। Regular session आपकी शाम से लेकर आधी रात के बाद तक चलता है।
  • पैसा भेजने की लागत। Bank wire fees, रुपये बदलने पर forex spread, और साल में ₹10 lakh से ऊपर के LRS investment remittances पर 20% TCS (आपके tax में adjust हो सकता है)।
  • Tax filing। US dividends पर पहले US में tax लगता है; आप विदेशी assets अपने ITR के Schedule FA में दिखाते हैं और Form 67 से US tax का credit लेते हैं।
  • अनजाने markets। Earnings seasons, Fed meetings और US data releases इन markets को हिलाते हैं। इन्हें सीखने में समय लगता है।

दो रास्ते: US broker के साथ और उसके बिना

US broker के बिना US broker के साथ
कैसे US indices को track करने वाले NSE-listed ETFs और funds, आपके भारतीय broker के ज़रिए खरीदे गए US broker पर आपका अपना account, LRS के तहत पैसा डाला गया
आप क्या खरीद सकते हैं गिने-चुने US index और theme ETFs हज़ारों US stocks और ETFs, साथ में listed options
Currency कीमत रुपयों में, अंदर से dollars में exposure Dollars में रखा जाता है
Trading hours NSE hours US hours, भारत में ज़्यादातर रात भर
किस बात का ध्यान रखें कभी-कभी ETF prices अपनी underlying value से ऊपर चले जाते हैं, जब fund houses विदेशी investment limits की वजह से नई units रोक देते हैं Remittance costs, TCS, US dividend withholding, filing

IST में US market hours

Session New York का समय IST, US daylight time (लगभग मार्च–नवंबर) IST, US standard time (लगभग नवंबर–मार्च)
Pre-market 4:00–9:30 AM 1:30–7:00 PM 2:30–8:00 PM
Regular session 9:30 AM–4:00 PM 7:00 PM–1:30 AM 8:00 PM–2:30 AM
After-hours 4:00–8:00 PM 1:30–5:30 AM 2:30–6:30 AM

US दिन के सबसे busy हिस्से, पहले दो घंटे और आखिरी घंटा, लगभग 7–9 PM और 12:30–2:30 AM IST पर पड़ते हैं। Session के दौरान volatility कैसे बदलती है, इसका ब्योरा पढ़ें market hours बनाम volatility: SPX500 trade करने का सबसे अच्छा समय में।

कदम-दर-कदम शुरुआत कैसे करें

  1. Instruments को समझें। S&P 500, SPY के बारे में पढ़ें और यह कि US options NIFTY options से कैसे अलग हैं: contract size, daily expiries, cash बनाम share settlement।
  2. US account के बिना शुरू करें। अगर आप सिर्फ US exposure चाहते हैं, तो अपने भारतीय broker के ज़रिए NSE-listed US index ETF सबसे आसान कदम है।
  3. पैसा लगाने से पहले एक US strategy बनाएं और backtest करें। SPY पर एक आसान trend rule अच्छा पहला test है।
  4. ज़रूरत पड़ने पर US account खोलें: सीधे stocks, US options या US broker के ज़रिए automation के लिए। हमारी guide देखें भारतीय traders को account देने वाले US brokers।
  5. रात वाले हिस्से को automate करें। जो rules अपने आप entry और exit करते हैं, उनके साथ आपको रात 1 AM पर जागना नहीं पड़ता।
  6. छोटे से शुरू करें और size तभी बढ़ाएं जब live results आपके tests जैसे दिखें।

पहले से US markets में trade कर रहे हैं? पढ़ें US traders options को कैसे automate करते हैं या देखें SPY ETF dividend guide।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या भारतीय निवासी US markets में trade कर सकते हैं?

हां। भारतीय निवासी US broker के ज़रिए US shares में invest कर सकते हैं, RBI की Liberalised Remittance Scheme के तहत पैसा भेजकर (हर financial year में $250,000 तक), या भारत में listed US-focused ETFs और funds के ज़रिए exposure ले सकते हैं।

US broker के बिना US markets में invest कैसे करूं?

Nasdaq-100 या S&P 500 जैसे US indices को track करने वाले NSE-listed ETFs या भारतीय mutual funds खरीदें, अपने मौजूदा भारतीय broker और demat account से। खरीदने से पहले ETF की price को उसके iNAV से मिलाकर देखें।

भारत में US stock market किस समय खुलता है?

जब US में daylight time चल रहा हो (लगभग मार्च से नवंबर) तब शाम 7:00 PM IST पर, और साल के बाकी समय 8:00 PM IST पर। यह क्रमशः रात 1:30 AM या 2:30 AM IST पर बंद होता है।

क्या भारत से US markets में trade करना फायदेमंद है?

यह diversification और ऐसे instruments तक पहुंच दे सकता है जो भारत में नहीं हैं, लेकिन इसके साथ remittance costs, tax filing, currency risk और देर रात के घंटे आते हैं। छोटे हिस्से और test किए गए plan से शुरू करें, और जो सीखें उसके आधार पर फैसला करें।

भारतीय निवासियों के US investments पर tax कैसे लगता है?

US dividends पर US में source पर tax कटता है (W-8BEN के साथ India-US treaty के तहत 25%) और फिर भारत में आपके slab rate पर, US tax के credit के साथ। Capital gains पर tax सिर्फ भारत में लगता है: short-term पर आपके slab rate से, long-term (24 महीने से ज़्यादा) पर 12.5%। मौजूदा rules किसी chartered accountant से पक्के कर लें।

क्या मैं भारत से US trades automate कर सकता हूं?

हां। Tradetron जैसे automation platform से जुड़े US broker के साथ, आपके rules US session के दौरान trades लगा और बंद कर सकते हैं, जब आप सो रहे हों।

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